Sunday, 20 April 2014

राबर्ट वाड्रा के भ्रष्ट बिजनेस मॉडल पर चुप क्यों हैं नीतीश-लालू

भ्रष्टाचार और महंगाई से जनता परेशान है, जबकि भ्रष्टाचार की गंगोत्री कांग्रेस से लालू प्रसाद और नीतीश कुमार दोस्ताना निभा रहे हैं। दोनों ही यूपीए की वापसी चाहते हैं, इसलिए इस मुद्दे पर वे चुप हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा ने 90 हजार रूपये से 324 करोड़ रूपये कैसे बना लिए? अमेरिकी अखबार 'वाल स्ट्रीट जर्नल' ने दावा किया है कि सत्ता के दुरूपयोग की बदौलत वाड्रा को पांच साल में करोड़ाें रूपये कमाने का मौका मिला। इसमें हरियाणा की कांग्रेस सरकार का भी रोल था।

गुजरात मॉडल के खिलाफ आंकड़े जुटाने में लगे नीती’ा कुमार ने वाड्रा के भ्रष्ट बिजनेस मॉडल और वाड्रा 'वाल स्ट्रीट जर्नल' के खुलासे पर कुछ कहना जरूरी नहीं समझा। वे यूपीए सरकार के वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से शिष्टाचार निभाने के लिए पटना में उन्हें कांग्रेस दफ्तर तक छोड़ने गए, लेकिन भाजपा की मदद से सरकार चलाते हुए भी भाजपा के नेताओं से अशिष्ट व्यवहार करते रहे। अति सम्माननीय लाल कृष्ण आडवाणी समेत शीर्ष भाजपा नेताओं को मुख्यमंत्री आवास में दिया गया भोज रद्द करना नीतीश कुमार का कौन सा शिष्टाचार था? उस अहंकारपूर्ण व्यवहार को जनता भूली नहीं है।

लाखों करोड़ रूपये के 2जी घोटाले से लेकर वाड्रा के सत्तापोषित बिजनेस मॉडल तक की गुनहगार कांग्रेस के नेताओं से शिष्टाचार और बिहार को जंगलराज से मुक्ति दिलाने में मददगार भाजपा से दुव्र्यवहार करना नीतीश कुमार का राजनीतिक अपराध है। लोकसभा चुनाव में भारी मतदान कर जनता इसपर फैसला सुनाएगी।

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