राजद प्रमुख लालू
प्रसाद थेथरोलॉजी
(कुतर्क, झूठी दलील) में माहिर हैं,
इसलिए वे
हर काम
इसी के
सहारे करते
हैं। वे
त
(तर्क-तथ्य ) नहीं, थ (थेथरोलॉजी) में भरोसा करते
हैं। कांग्रेस
से गठबंधन,
चुनाव परिणाम
के दावे,
चारा घोटाला
पर सफाई
और दिल्ली
में सरकारी
बंगला बचाये
रखने तक
में उनकी
थेथरोलॉजी सामने
आ रही है।
लोकसभा चुनाव में
कांग्रेस अध्यक्ष
सोनिया गांधी
और उपाध्यक्ष
राहुल गांधी
ने बिहार
की चुनाव
सभाओं में
लालू प्रसाद
को अपने
मंच पर
आने नहीं
दिया, लेकिन लालू कांग्रेस
से अपना
थेथर याराना
निभा रहे
हैं। वे
कांग्रेस के
नेतृत्व वाली
भ्रष्ट यूपीए
सरकार की
वापसी के
लिए वोट
मांग रहे
हैं,
जब कि
भाजपा देश
को मजबूत
सरकार देकर
महंगाई-बेरोजगारी जैसी समस्याओं
का समाधान
करना चाहती
है।
थेथरोलॉजी के साथ-साथ लालू
प्रसाद का
भरोसा चोरी
और सीनाजोरी
के मुहावरे
में भी
है। करोड़ों
रुपये के
चारा घोटाला
में अपराधी
साबित होने
के बावजूद
कांग्रेस की
मेहरबानी से
मिली जमानत
पर रिहाई
के समय
उन्होंने सीनाजोरी
वाला अंदाज
दिखाया। हाथी पर
सवार होकर
जेल से
निकले। आरोप
साबित होने
के बावजूद
खुद को
निर्दोष बताने
की थेथरोलॉजी
करते रहे।
2010
के विधानसभा
चुनाव के
दौरान सीना
ठोक कर
सत्ता में
लौटने के
दावे (थेथरोलॉजी) करते रहे।
तथ्य यह
सामने आया
कि उनकी
पार्टी केवल
22 सीटों पर
सिमट गई।
विपक्ष का
नेता बनवाने
लायक संख्या
भी राजद
के पास
नहीं थी।
अब लोकसभा
चुनाव में
लालू की
थेथरोलॉजी जारी
है। सीटों
का खाता
खुलने का
भी ठिकना
नहीं है,
लेकिन दावा
सभी
40 सीटें जीतने
का कर
रहे हैं।
कहते हैं कि
पुरानी आदतें
जल्दी नहीं
छूटतीं। लालू
की थेथरोलॉजी
फिर सामने
आई। रेल
मंत्री का
पद छूटे
कई साल
हो गए। चारा
घोटाला में
अपराधी पाए
जाने के
चलते वे
सांसद भी
नहीं रहे,
लेकिन दिल्ली
का बंगला
(तुगलक रोड)
बचाये रखने
के लिए
बीमारी का
बहाना (थेथरोलॉजी) कर रहे
हैं। वे
दिल और
शुगर की
बीमारी का
हवाला दे
रहे हैं,
लेकिन बेटी-पत्नी की
जीत के
लिए महीने
भर से
रोज दस-दस चुनाव
सभाएं कर
रहे हैं।
लालू प्रसाद इसी
थेथरोलॉजी से
जनता को
भरमा कर
15 साल तक
बिहार को
लूटते रहे।
सत्ता गई
तो सुधरने
का वादा
किया और
जनता से
माफी भी
मांगी, लेकिन परिवारवाद, राजनीति के अपराधीकरण,
सांप्रदायिक ध्रुवीकरण
की कोशिश
और सोनपुर
में अफसरों
के साथ
दबंगई कर
उन्होंने फिर
साबित किया
कि लालू
नहीं बदले
हैं। उन
पर भरोसा
करना देश-प्रदेश की
जनता पर
कुशासन थोपना
साबित होगा।
लोकसभा चुनाव
में भाजपा
को दिया
गया हर
वोट लालू
प्रसाद की
थेथर राजनीति
का मुहंतोड़
जवाब साबित
होगा।




